Ratnakar Mishra

December 1, 2009

मेरा भारत मेरी शान भारत के बारे में रोचक तथ्‍य

Filed under: Social issue — ratnakarmishra @ 5:09 am
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    - भारत के इतिहास के अनुसार, आखिरी 100000 वर्षों में किसी भी देश पर हमला
    नहीं किया है।
    - जब कई संस्कृतियों 5000 साल पहले ही घुमंतू वनवासी थे, भारतीय सिंधु घाटी
    (सिंधु घाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।
    - भारत का अंग्रेजी में नाम ‘इंडिया’ इं‍डस नदी से बना है, जिसके आस पास की
    घाटी में आरंभिक सभ्‍यताएं निवास करती थी। आर्य पूजकों में इस इंडस नदी को
    सिंधु कहा।
    - पर्शिया के आक्रमकारियों ने इसे हिन्‍दु में बदल दिया। नाम
    ‘हिन्‍दुस्‍तान’ ने सिंधु और हीर का संयोजन है जो हिन्‍दुओं की भूमि दर्शाता
    है।
    - शतरंज की खोज भारत में की गई थी।
    - बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्‍ययन भारत में ही आरंभ हुआ था।
    - ‘स्‍थान मूल्‍य प्रणाली’ और ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास भारत में 100 बी सी
    में हुआ था।
    - विश्‍व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर
    है। इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़े से बनें हैं यह भव्‍य मंदिर
    राजा राज चोल के राज्‍य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए
    डी के दौरान) निर्मित किया गया था।
    - भारत विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्‍व का छठवां सबसे बड़ा देश तथा
    प्राचीन सभ्‍यताओं में से एक है।
    - सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्‍दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार
    किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे। इस खेल में सीढियां वरदानों का
    प्रतिनिधित्‍व करती थीं जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे। इस खेल को कौडियों
    तथा पांसे के साथ खेला जाता था। आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किए गए, परन्‍तु
    इसका अर्थ वहीं रहा अर्थात अच्‍छे काम लोगों को स्‍वर्ग की ओर ले जाते हैं जबकि
    बुरे काम दोबारा जन्‍म के चक्र में डाल देते हैं।
    - दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्‍थान
    पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1893 में
    तैयार किया गया था।
    - भारत में विश्‍व भर से सबसे अधिक संख्‍या में डाक खाने स्थित हैं।
    - विश्‍व का सबसे बड़ा नियोक्‍ता भारतीय रेल है, जिसमें दस लाख से अधिक लोग
    काम करते हैं।
    - विश्‍व का सबसे प्रथम विश्‍वविद्यालय 700 बी सी में तक्षशिला में स्‍थापित
    किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से
    आकर अध्‍ययन करते थे। नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया
    गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक
    है।
    - आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। शाखा
    विज्ञान के जनक माने जाने वाले चरक में 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद का समेकन किया
    था।
    - भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे
    सम्‍पन्‍न देश था। क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस ने भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित हो
    कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजा, उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।
    - नौवहन की कला और नौवहन का जन्‍म 6000 वर्ष पहले सिंध नदी में हुआ था।
    दुनिया का सबसे पहला नौवहन संस्‍कृ‍त शब्‍द नव गति से उत्‍पन्‍न हुआ है। शब्‍द
    नौ सेना भी संस्‍कृत शब्‍द नोउ से हुआ।
    - भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य
    के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के
    अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है।
    - भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा ‘पाई’ का मूल्‍य ज्ञात किया गया था और
    उन्‍होंने जिस संकल्‍पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं।
    उन्‍होंने इसकी खोज छठवीं शताब्‍दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले
    की गई थी।
    - बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्‍पद
    समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्री धराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक
    तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने
    10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम
    5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा:
    10*12 (10 की घात12) है।
    - वर्ष 1986 तक भारत विश्‍व में हीरे का एक मात्र स्रोत था (स्रोत:
    जेमोलॉजिकल इंस्‍टी‍ट्यूट ऑफ अमेरिका)
    - बेलीपुल विश्‍व‍ में सबसे ऊंचा पुल है। यह हिमाचल पवर्त में द्रास और सुरु
    नदियों के बीच लद्दाख घाटी में स्थित है। इसका निर्माण अगस्‍त 1982 में भारतीय
    सेना द्वारा किया गया था।
    - सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले
    सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया
    द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और
    मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएं आदि की।
    - निश्‍चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा विज्ञान में भली भांति ज्ञात
    था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी,
    आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए
    जाते हैं।
    - भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है।
    - भारत में 4 धर्मों का जन्‍म हुआ – हिन्‍दु धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म ओर
    सिक्‍ख धर्म, जिनका पालन दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्‍सा करता है।
    - जैन धर्म और बौद्ध धर्म की स्‍थापना भारत में क्रमश: 600 बी सी और 500 बी
    सी में हुई थी।
    - इस्‍लाम भारत का और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।
    - भारत में 3,00,000 मस्जिदें हैं जो किसी अन्‍य देश से अधिक हैं, यहां तक
    कि मुस्लिम देशों से भी अधिक।
    - भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च और सिनागोग कोचीन शहर में है। इनका
    निर्माण क्रमश: 1503 और 1568 में किया गया था।
    - ज्‍यू और ईसाई व्‍यक्ति भारत में क्रमश: 200 बी सी और 52 ए डी से निवास
    करते हैं।
    - विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्‍दु मंदिर है जो
    कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था।
    - तिरुपति शहर में बना विष्‍णु मंदिर 10वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था,
    यह विश्‍व का सबसे बड़ा धार्मिक गंतव्‍य है। रोम या मक्‍का धामिल स्‍थलों से भी
    बड़े इस स्‍थान पर प्रतिदिन औसतन 30 हजार श्रद्धालु आते हैं और लगभग 6 मिलियन
    अमेरिकी डॉलर प्रति दिन चढ़ावा आता है।
    - सिक्‍ख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था। यहां
    प्रसिद्ध स्‍वर्ण मंदिर की स्‍थापना 1577 में गई थी।
    - वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब
    भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्‍व का सबसे पुराना
    और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है।
    - भारत द्वारा श्रीलंका, तिब्‍बत, भूटान, अफगानिस्‍तान और बंगलादेश के
    3,00,000 से अधिक शरणार्थियों को सुरक्षा दी जाती है, जो धार्मिक और राजनैतिक
    अभियोजन के फलस्‍वरूप वहां से निकल गए हैं।
    - माननीय दलाई लामा तिब्‍बती बौद्ध धर्म के निर्वासित धार्मिक नेता है, जो
    उत्तरी भारत के धर्मशाला से अपने निर्वासन में रह रहे हैं।
    - युद्ध कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौद्ध धर्म
    प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई।
    - योग कला का उद्भव भारत में हुआ है और यहां 5,000 वर्ष से अधिक समय से
    मौजूद हैं।

November 28, 2009

क्या पाया तुमने …

Filed under: कविता — ratnakarmishra @ 6:24 pm
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तुमने अब तक इस  दुनिया से क्या पाया …!
अपनी दिनचर्या  मैं बंध कर तुमने क्या पाया.. !
दुसरे की बुराई करके तुमने क्या पाया …!
अपना सारा जीवन किसी पर न्योछावर करके तुमने क्या पाया …!
जिन्दगी को सही और बुरे ढंग से जी कर तुमने क्या पाया …!
तुमने अब तक इस दुनिया से क्या पाया …!

November 27, 2009

भूख

Filed under: Social issue — ratnakarmishra @ 5:33 pm
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आज घर मैं कुछ नहीं है खाने को, भूख अब सहा नहीं जा रहा है ,आज मैं कुछ खाने का जुगार कर के ही लौटूगा. ये सोच कर वो घर से निकला …. दुसरे शहर मैं जा कर वो काम करने लगा .दिन भर काम करने के बाद उसने कुछ रुपये जमा कर लिए .वापस अपने शहर के लिए वो चला मगर रास्ते मैं किसी ने उस के सारे रूपए लूट लिए … अब वो क्या ले कर अपने घर जायेगा वो ये सोचने लगा घर मैं पत्नी और बच्चे उस का इंतजार कर रहे होगे “अरे आज हम को भर पेट खाने को मिलेगा ” सुबह उस के बच्चे बोल रहे थे , पिछले कितने रातो से उस ने और उस कि पत्नी ने कुछ नहीं खाया था .ये सोचते-सोचते उस के आखो के सामने अधेरा छा गया . कुछ देर के बाद जब उस ने आखे खोली तो उस ने देखा कि उस के बच्चे खेल रहे है और उस कि पत्नी उस के सामने बैठी है और उस के जागने का इंतजार कर रही है .वो कुछ बोलने ही वाला था कि उस कि पत्नी ने उस को चुप रहने का इशारा किया और फिर उस के सामने ढेर सारे खाने का चीज रख दिया बिना कुछ पूछे वो खाने लगा और उस कि पत्नी उस को खाते देख रही थी .

“आज फिर भूख के कारण ४ लोगो कि जाने गई “और हमारी सरकार हाथ पर हाथ रख कर क्या कर रही है ये हम देखेगे इस ब्रेक के बाद …

November 25, 2009

आज कल ना जाने क्यों घर की याद आती है ….

Filed under: कविता — ratnakarmishra @ 5:58 pm
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कब वो बचपन बीता …नहीं याद है हम को ….
कब हमने जवानी मैं कदम रखा … नहीं याद है हम को ….
कब हमने अपनी जवानी खोइ नहीं याद है हम को ….
मगर  अब हमे क्यों याद आ रहा है  घर ….

November 20, 2009

सब कहते है की हिंदी मत बोलो…

Filed under: Social issue — ratnakarmishra @ 12:45 pm

सब कहते है की हिंदी मत बोलो ये एक गुनाह है यदि बोलोगे तो अपने ही देश मैं पिटोगे , बोलोगे तो अपने ही तुम्हें अजीब नज़र से देखेगे ,कोई तुम से बात नहीं करेगा, अपने देश मैं रह कर यदि ये दिन देखना पड़ रहा है तो फिर दुसरे देश मैं क्या होगा जरा सोचो. हम अपने से ही अपने देश हो बाट रहे है अब दुसरे से क्या लड़ना अब तो अपनों ने ही लडाई शुरु कर रखी है. जहा तक हिंदी की बात है ये हमारी अपनी भाषा है और शायद ही कोई अपनी भाषा बोलने से संकोच करगा अब तो कुछ लोग ये आवाज़ उठा रहे है की हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं है शर्म की बात है .

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