Ratnakar Mishra

10/30/2010

त्योहारों के इस मौसम मैं

Filed under: कविता — ratnakarmishra @ 2:48 अपराह्न

त्योहारों के इस मौसम मैं
घर की याद बहुत याद आती है
मीठे पकवानों की खुसबू  हमेसा
अभी भी  जुवा से नहीं जाती
जिन्दगी ने हमें किस मोड़ पर
ला दिया अब तो  घर
दिल से ही नजदीक है
सपने मैं याद आता है अपना बचपन
जब हम त्योहारों  का इंतजार करते थे .

10/29/2010

सच का सामना

कितनो ने किया है अब तक सच का सामना
सच जो की कड़वा  हो सुनने मैं बुरा हो
सच का सामना इतना आसान नहीं
क्यों की जो दिखता है वो सच नहीं
सच तो चुप है जो किसी से बोलता नहीं
सच की चुप्पी ऐसी है की जैसे कुछ हो ही नहीं
सच  अनंत आकाश मैं फैला हुआ  है
बस दिल से उसे देखो और अपना लो

10/25/2010

अग्निपंख

Filed under: कविता — ratnakarmishra @ 5:31 पूर्वाह्न
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सूर्य सा धधक
अग्नि सा तप
खुद को जला
और जल के
अग्निपंख सा निकल

तेज से समर को जीत
अहग को तू जला
धधक-धधक  अग्नि सा
जल के अग्निपंख सा निकल

अदम्य साहस तुझ मैं भरा
ज्वाला सा तू जल  रहा
कर दे राख उन को
जो तेरी आँखों मैं
देखने की हिम्मत करे
तू किसी से न डरे
तू किसी के सामने न झुके
शीश  उनका दे गिरा
जो तेरी तरफ उठे
जल के अग्निपंख सा निकल

10/22/2010

क्यों तुम इतना याद आ रहे हो..

Filed under: कविता — ratnakarmishra @ 3:08 पूर्वाह्न
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जब भी याद आता है तेरा चेहरा
हमारा दिल च्हुँक  उठता है
मगर अगले ही पल वो शांत सा हो  जाता है
मैं ने चाहा की तुम याद न आओ
मगर तेरे यादो ने ऐसा होने ना दिया
दिल  की बगिया अभी उजरी -उजरी सी है
तेरी हसी की यादो ने उस मैं फूल ही फूल खिला दिए
ये जमी बंज़र सी दिखती  है  तेरी यादो मैं
लेकिन तेरी आँखों की यादो ने इनमें भी सैलाब ला दिया
क्यों तुम इतना याद आ रहे हो ….

10/19/2010

अब हम भी प्यार करेगे

Filed under: कविता — ratnakarmishra @ 3:37 पूर्वाह्न
अब हम भी प्यार करेगे
इतने दिनों की चुप्पी तोड़
अब हम भी  प्यार करेगे
जिन्दगी से नाता जोड़
अब हम भी प्यार करेगे
किसी गोरी को अपना दिल दे के
अब हम भी प्यार करेगे
किसी के साथ जीने मरने की
कसमे खा कर और  बाहों मैं झूल कर
अब हम भी प्यार करेगे
किसी को अपना बना के रहेगे
अपने दिल का हाल सुना के रहेगे
अब हम भी प्यार करेगे 
सारी   बंदिसे तोड़ कर 
अब हम भी प्यार करेगे
हम दुनिया की सारी खुसी उस पर  
न्योछावर कर देगे उसके चेहेरा  पर
सदा मुस्कराहट रहे इस के लिए 
हम कुछ भी करेगे
अब हम भी प्यार करेगे ..
 
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