त्योहारों के इस मौसम मैं
घर की याद बहुत याद आती है
मीठे पकवानों की खुसबू हमेसा
अभी भी जुवा से नहीं जाती
जिन्दगी ने हमें किस मोड़ पर
ला दिया अब तो घर
दिल से ही नजदीक है
सपने मैं याद आता है अपना बचपन
जब हम त्योहारों का इंतजार करते थे .
त्योहारों के इस मौसम मैं
घर की याद बहुत याद आती है
मीठे पकवानों की खुसबू हमेसा
अभी भी जुवा से नहीं जाती
जिन्दगी ने हमें किस मोड़ पर
ला दिया अब तो घर
दिल से ही नजदीक है
सपने मैं याद आता है अपना बचपन
जब हम त्योहारों का इंतजार करते थे .
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