आप ने तो हद कर दी …पिछले कितनो दिनों से मैं इसे देख रहा हूँ .. आप इसकी प्राथना क्यों नहीं सुन लेते …और आप उस कि प्राथना सुन रहे है जो कि लोगो को लुट रहा है ,उन्हें मार रहा है .. आखिर ये माज़रा क्या है
आप मुझे ये बताने कि कृपा करेगे ….
” मैं सिर्फ सच्चे दिल से मागने वालो का साथ देता हूँ .. वो गरीब सच्चे दिल से मेरी पूजा नहीं कर रहा है … इस लिए मैं उस के साथ न हो कर दुसरे के साथ हूँ जिसको आप बुरा बोल रहे हो .. मगर वो बुरा अपने काम मैं सच्चा है और सच्चे दिल से मेरी पूजा कर रहा है ,,,, इस लिए मैं उस के साथ हूँ ……इस लिए कर्म प्रधान है .. कर्म करो सच्चे दिल से ….”
नवम्बर 5, 2010
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आपको भी सपरिवार दिपोत्सव की शुभकामनाएँ
Comment by Ashish — नवम्बर 5, 2010 @ 3:58 पूर्वाह्न |