दूर कही पर कोई बैठ कर ये सारे तमाशे देख रहा था कि कोई किसी को कैसे लूट कर अपने खजाने भर रहा है ,
कोई भूखा -प्यासा है तो कोई मज़े उड़ा रहा है , कोई मज़े से अपने आलीशान घर मैं सो रहा है तो कोई रोड
पर अपनी जिन्दगी बिता रहा है , बस अब उस से बर्दास्त नहीं हुआ , अपने हाथ मैं अहिंसा कि तलवार ले कर
मैदान में कूद पड़ा , सामने वालो कि बोलती बंद हो गयी ,पूरी जनता उस के साथ है, अब उस को कोई नहीं रोक
सकता है वो हमारे हक़ कि लडाई लड़ रहा है .चलो हम सभी उस का साथ दे …..चलो सचाई का साथ दे ..चलो अन्ना का साथ दे ..