दुनिया की सब से खुबसूरत चीज़ क्या है ,आप को इस का कोई अनुमान है शायद हां या सायद ना .आप किसी लड़की /लड़के को देख कर बोलते है , देखो वो कितना/कितनी सुन्दर है ,उस समय आप के पास क्या कुछ ऐसा चीज़ होता है जिस से आप उस की खूबसूरती माप सके ,मेरे ख्याल से नहीं .जब आप किसी अच्छी चीज़ जैसे की कोई घर,कार मोबईल फ़ोन ,कंप्यूटर ,टीवी को तो आप अपने दोस्तों से बोलते है कितनी खुबसूरत है काश मेरे पास भी एक होती ,मगर जरा रुकिय कुछ दिनों के बाद आप फिर किसी ऐसी चीज़ को देख कर बोलते है वाह ये तो मेरे वाले से भी ज्यादा खुबसूरत है , तो क्या हम खूबसूरती का गलत अनुमान लगाते है ,शायद हां .हम अब यही पर गलत हो जाते है क्योंकि हम खूबसूरती का चयन अपनी इन आखों से करते है जो की हमें उस वस्तु की बाहरी सुन्दरता दिखता है ,यदि हमें उस के अंदर की सुन्दरता देखना है तो हमें उसे अपने दिल से देखना पड़ेगा ,जब आप अपने दिल से किसी चीज़ को पसंद कीजिए गा तो वो हमेसा आप को सुंदर लगेगा चाहे वो कितना भी पुराना ही न क्यों न हो जाये ,तो दुनिया को देखने का तरीका शायद हमें बदलना पड़ेगा.