Ratnakar Mishra

02/25/2012

Kerala की कहानी

Filed under: कहानी — ratnakarmishra @ 3:35 अपराह्न

Part-1

बहुत दिनों से सोच रहा था की  , अब लिखुगा तब लिखुगा मगर आज ना जाने कहा से ये  विचार आया की अब देर मत कर लिख ही डाल.

सो मेरे प्यारे दोस्तों मुझे नहीं मालूम की ये  मैं कहा से शरुआत करू ,यदि मैं किसी खूबसूरत लड़की से शुरुआत करता हूँ , तो शायद ज्यादा अच्छा रहेगा ,या फिर कुछ ऐसी कि जिसके बारे मैं आप पढ़ कर दहल उठे मगर शायद नहीं एक मिनट रुकिए.

“और कहानी की शुरुवात ही मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता

हूँ की मैं इस कहानी का हीरो नहीं हूँ  ,और आप को हीरो की एंट्री के लिए शायद वेट करना पड़े,’’

लकिन तब तक मैं ही इस कहानी को आगे बढाता हूँ”

“केरला धरती पर एक ऐसी जगह जहाँ पर भगवान रहेते है “

ऐसा केरला टूरिस्म का मानना है ,जिसके लिए उन्होंने सारी जगह ये स्लोगन चिपका रखे है “

“मेरा पहला दिन केरला की धरती पर अपने पिता जी के साथ पडा , “अलुवा” उस जगह का नाम था”

“दो दिन का ट्रेन का सफर आदमी थका -हारा , हमने एक होटल लिया और फ्रेश हो कर खाना खाने निकले , मैंने अपने चारो और नज़र घुमानी शुरू कर दी अपने आदत के अनुसार , और मन मैं अब ये भी सोचने लगा की अब इन्ही लोगो के साथ अगले 3 साल गुजारने है”

“केरला की सुंदरता का  मतलब उस समय तक कुछ भी समझ मैं नहीं आ रहा था .बस वही लुंगी पहने लोग , और फूलो वाली गजरा लगाई ओरते “

‘इसी बीच कही से न जाने अपने मुल्क के लोग दिख गए (वो मैं इस लिए बोल रहा हूँ की उस समय सिर्फ हम ऐसी जगह पर थे की लोग सिर्फ ना जाने कौन सी Alien की भाषा मैं बात कर रहे थे समझ मैं नहीं आ रहा था ,वो तो मुझे बाद मैं पता चला की ये मलयालम बोल रहे है” ).मेरे पिता जी ने उस से परिचय करवाते हुए कहा ये “झा जी “ इनका Raank 7 है .बस आगे क्या था मैं ने कुछ बोला ही नहीं .मुझे लगा की एक 7 Ranker के सामने मुह खोलने से अच्छा है चुप रहू .और वैसे भी मेरे  Rank  भी 7 ही थे मगर तीनों Digit को जोड़ने के बाद 214.

 

“अगले दिन  सुबह –सुबह तैयार हो कर अपने निकला University जाने के लिए तो , बस स्टैंड पर सारी की सारी औरते थी मुझे लग रहा था की कही हम ‘महिला आरक्षित’  बस स्टैंड पर तो नहीं आ गए .लेकिन फिर हमने सोचा ऐसा तो संभव नहीं है”

“बस आई उसमें कुछ पुरुष भी थे ,भगवान कि कृपा से ,मैंने बहुत सारे  जगहों पर देखा है  बस मैं महिला आरक्षित सीट रहती है . मगर मैं ने सोचा की  यहाँ तो पुरुष के लिए सीटों का आरक्षण होना चाहिए “.

University पहुँच कर अपने Admission के प्रोसेस मैं लग गया , इतने मैं मेरी नज़र एक लड़के पर गयी , बड़े-बड़े बाल ,उस मैं चोटी , शर्ट के 2 बटन खुले हुए , कद-काठी से ऐसा कि यदि किसी को यदि एक जड़ दे तो उस कि तो.

“मैं ने सोचा यदि ये  बन्दा मेरा दोस्त बन जाये तो अपनी तो चांदी ही चांदी , भाई एक बहुत पुरानी कहावत है “जिसकी लाठी उसकी भैस “ बस मन मैं उस से दोस्ती करने का ख्याल ले कर  आसमान मैं घिर गए काले –काले बदलो को देख रहा था, कि ,अचानक मेरा ध्यान भटका , ‘वो तेरे कि‘ मेरे मुह से बस इतना ही निकला ……

 

02/23/2012

Facebook Generation ke baap

Filed under: Social issue — ratnakarmishra @ 1:31 अपराह्न
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Facebook Generation  के  बाप अपने बेटे से आज  दिन भर मैं क्या-क्या किया
पापा मैं ने 11 Post Like  किये , 2 फोटो अपलोड किये , और साथ मैं  24 कमेन्ट लिखे
और 4 दोस्तों से CHAT  किया ..
अच्छा Impressive और महेनत करो जब तक FACEBOOK पे  कोई पट नहीं जाती तब तक तुम्हारा
Admission FBCLASS-2 मैं नहीं हो सकता.

क्या करे हम ऐसे ही है

Filed under: कहानी,Social issue — ratnakarmishra @ 1:13 अपराह्न
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हम अपने आप को किसी से कम कभी नहीं समझते ऑफिस मैं अपने बॉस से अपने आप को बेहतर मानते है .
“अरे एक भी काम ठीक से करना इनको नहीं आता …इस month का  तो allowance  ही नहीं दिया ..वगैरा-वगैरा”
“है लास्ट बाल मैं चार रन बनाने थे वो भी नहीं बना पाए इस से अच्छा तो शुक्ला जी का लड़का खेलता है .”
“ये हिंदी फिल्म वाले ना कैसी -कैसी मूवी बनाते है साउथ इंडियन की नक़ल करके ..वो तो जैसे ऐसे बोल रहे हो
की जिन्दगी मैं उन्होने नक़ल ही ना की हो ….
“कल रात मैं कहा थे तुम लोग .. दारू पि के शोर करोगे तो पिटाई थो
होगी ही ..मगर वो साला भूल गया ही ..रात मैं दारू पिने के बाद उसी के कारण हम लोग पिटे थे अरे क्या करे
हम ऐसे ही है ..किसी दूसरी की boyfriend /girlfriend देख कर सोचते है की काश मेरे वाला भी ऐसा ही होता.
.

02/22/2012

Tumbhi | Tumbhi Online Talent Agency | Models and Actors | Submit Portfolio

Filed under: Social issue — ratnakarmishra @ 8:38 अपराह्न

Tumbhi | Tumbhi Online Talent Agency | Models and Actors | Submit Portfolio.

02/14/2012

मेरी loveline

Filed under: कहानी — ratnakarmishra @ 2:30 पूर्वाह्न
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14th Feb का नाम लेते ही मन मैं खलबली और गुदगुदी दोनों होने लगती है ,अरे रुकिए confuse ना होएया .. खलबली इस लिए की पिछले साल का valentine day मेरे लिए बड़ा ही भयानक था ..गुदगुदी इस लिए की इस बार का valentine day मानाने जा रहा हूँ .. तो आप लोग कौन सा सुनना पसंद करेगे वैसे एक research  के अनुसार लोगो को खलबली वाला न्यूज़ का ज्यादा इंतजार रहता है ..

तो हुआ यूँ की मैं भी 24 बसंत पार कर चूका था और अब तक लडकियों के मामले मैं ZERO था ..नए साल आते ही मैं ने new year resolution कर डाला इस साल गर्लफ्रेंड जरूर ..मगर होनी को कौन टाल सकता है , बहुत कोशिस की कोई न कोई लड़की पट जाये ..मगर मेरे हाथ नाकामी वैसे ही लगी जैसे की इंडियन क्रिकेट टीम लगातार विदेशी धरती पर मैच पर मैच हार रही है …लेकिन मेरे पास  शुभचिंतको की कमी नहीं थी ..एक ने राय दे डाली अरे Social Network site पर try  क्यों नहीं करते हो .बस फिर क्या था मैं ने दिन रात एक कर दी Social network site पर मगर कुछ भी हाथ नहीं लगा ..उलटे 2-3 बार धोखा हो गया .. कुछ लोग टाइम पास के लिए मेरे से लड़की बन कर बात करते थे .. मेरे एक सब से करीबी शुभचिंतक को ये चीज़े पसंद नहीं हुई उसने कहा मर्द बन और जिम जा कंप्यूटर पर बैठ कर लड़की यदि पटने लगी तो  हो गया …बस फिर क्या था ..जिम जाना शुरु हो गया .. बड़ी मुस्किल से 2-3  दिन जिम के बाद पुरे 15 दिन हॉस्पिटल मैं पड़ा रहा … एक ही बार मैं इमरान से जॉन बनने लगा था … बस इतने दिनों हॉस्पिटल मैं रहने का एक फायदा ये हुआ की …मेरे सारे शुअभचिंतक एक-एक कर मुझसे मिलने आये और अपना-अपना Idea दे कर चले गए .. मैं भी बड़ी मुस्किल से MTV ROADIES के रघु और राजीव की तरह सारे आईडिया मैं से 3 को final किया .. पहला था एक अच्छी सी BIKE लेने का … वो लिया भी .. मगर उस से किसी को Impress  कर पता इस से पहेले की मेरे एक शुअभचिंतक ने रात मैं गाड़ी को drinking and driving के बलि का बकरा बना दिया ..दूसरा था CAR का मुझे पता था की ये bike वाला आईडिया ज्यादा success  नहीं करेगा फिर भी मैं ने try किया अपने caption धोनी की तरह ..अब मुझे पूरा विश्वास हो गया की कार से कुछ ना कुछ फायदा जरूर होगा ..क्यों की एक दिन वो ऑफिस वाली देख कर मुस्कुराई थी … मगर भला हो मेरे शुभचिंतको का अब मेरी कार डेली 3-4 लोगो को ऑफिस के लिए pick-up  करती है उनको ऑफिस पंहुचा किसी को मार्केट थो किसी को weekend  मैं घुमाने ले जाती है … अब मेरे पास एक आखरी ब्रमास्त्र बचा था उसका प्रयोग करके मैं ने लड़की पटा ही ली …और फिर last year जब valentine day के दिन ..उस को गिफ्ट देने पंहुचा थो देखा पहेले से की उसको घर पर गिफ्टो का अम्बार लगा है .. बस समझदार के लिए इशारा ही काफी होता है … मैं ने वहा से पतली गली पकड़ ली जाते-जाते मेरे कानो ने  ये आखिरी शब्द सुने  “क्या किसी से हँस कर बात कर लेने से मैं उस की valentine  बन जाऊंगी जानू मैं तेरी हु और तेरी ही रहूंगी “..

बस उसके बाद  पुरे 1 महीने मुझे होश नहीं था .. आज फिर 14 Feb है … और मैं फिर किसी को गिफ्ट देने जा रहा हूँ मेरे लिए दुआ कीजिए गा .. बाकि  अगले पोस्ट मैं बताता हूँ  ….”

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