Ratnakar Mishra

05/05/2010

आदमी ऐसा क्यों करता है

Filed under: कविता — ratnakarmishra @ 4:58 अपराह्न
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जब कुछ नहीं है तो भी  रोता है ..
जब कुछ मिल जाता है तब  भी रोता है
दुसरे को दुखी देख रोता है .
दुसरे को ख़ुश देख रोता है .
पैसे पाने और खोने पर रोता है
कुछ करने से पहेले रोता है
करने के बाद रोता है…
आदमी ऐसा क्यों करता है …

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