Ratnakar Mishra

10/17/2010

हम बच्चे ही अच्छे थे ..

Filed under: Social issue — ratnakarmishra @ 5:00 am

हम बच्चे ही अच्छे थे
हम बच्चे ही अच्छे थे
कम से कम हो रोते तो थे
किसी से हम रूठे तो
वो हमें मनाता तो था …
जब हम बच्चे थे तो
रावन भी दशहरा मैं जलता था
अब तो हम जलते है …
कितना अच्छा होता हम
बच्चे ही रहते ….
इस दुनिया से बेखबर रहते
सब हम पर प्यार लुटाते थे
जब हम बच्चे थे …
लेकिन अब हम उसी प्यार
के लिए तरसते है ….
घर की याद नहीं आती थी
जब हम बच्चे थे …
अब तो घर ही भूल गए है …
हम बच्चे ही अच्छे थे

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3 Comments »

  1. विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें।

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (18/10/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा।
    http://charchamanch.blogspot.com

    Comment by वन्दना — 10/17/2010 @ 6:50 am | Reply

  2. sundar rachna!
    regards,

    Comment by anupama — 10/18/2010 @ 6:54 am | Reply


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