Ratnakar Mishra

02/14/2012

मेरी loveline

14th Feb का नाम लेते ही मन मैं खलबली और गुदगुदी दोनों होने लगती है ,अरे रुकिए confuse ना होएया .. खलबली इस लिए की पिछले साल का valentine day मेरे लिए बड़ा ही भयानक था ..गुदगुदी इस लिए की इस बार का valentine day मानाने जा रहा हूँ .. तो आप लोग कौन सा सुनना पसंद करेगे वैसे एक research  के अनुसार लोगो को खलबली वाला न्यूज़ का ज्यादा इंतजार रहता है ..

तो हुआ यूँ की मैं भी 24 बसंत पार कर चूका था और अब तक लडकियों के मामले मैं ZERO था ..नए साल आते ही मैं ने new year resolution कर डाला इस साल गर्लफ्रेंड जरूर ..मगर होनी को कौन टाल सकता है , बहुत कोशिस की कोई न कोई लड़की पट जाये ..मगर मेरे हाथ नाकामी वैसे ही लगी जैसे की इंडियन क्रिकेट टीम लगातार विदेशी धरती पर मैच पर मैच हार रही है …लेकिन मेरे पास  शुभचिंतको की कमी नहीं थी ..एक ने राय दे डाली अरे Social Network site पर try  क्यों नहीं करते हो .बस फिर क्या था मैं ने दिन रात एक कर दी Social network site पर मगर कुछ भी हाथ नहीं लगा ..उलटे 2-3 बार धोखा हो गया .. कुछ लोग टाइम पास के लिए मेरे से लड़की बन कर बात करते थे .. मेरे एक सब से करीबी शुभचिंतक को ये चीज़े पसंद नहीं हुई उसने कहा मर्द बन और जिम जा कंप्यूटर पर बैठ कर लड़की यदि पटने लगी तो  हो गया …बस फिर क्या था ..जिम जाना शुरु हो गया .. बड़ी मुस्किल से 2-3  दिन जिम के बाद पुरे 15 दिन हॉस्पिटल मैं पड़ा रहा … एक ही बार मैं इमरान से जॉन बनने लगा था … बस इतने दिनों हॉस्पिटल मैं रहने का एक फायदा ये हुआ की …मेरे सारे शुअभचिंतक एक-एक कर मुझसे मिलने आये और अपना-अपना Idea दे कर चले गए .. मैं भी बड़ी मुस्किल से MTV ROADIES के रघु और राजीव की तरह सारे आईडिया मैं से 3 को final किया .. पहला था एक अच्छी सी BIKE लेने का … वो लिया भी .. मगर उस से किसी को Impress  कर पता इस से पहेले की मेरे एक शुअभचिंतक ने रात मैं गाड़ी को drinking and driving के बलि का बकरा बना दिया ..दूसरा था CAR का मुझे पता था की ये bike वाला आईडिया ज्यादा success  नहीं करेगा फिर भी मैं ने try किया अपने caption धोनी की तरह ..अब मुझे पूरा विश्वास हो गया की कार से कुछ ना कुछ फायदा जरूर होगा ..क्यों की एक दिन वो ऑफिस वाली देख कर मुस्कुराई थी … मगर भला हो मेरे शुभचिंतको का अब मेरी कार डेली 3-4 लोगो को ऑफिस के लिए pick-up  करती है उनको ऑफिस पंहुचा किसी को मार्केट थो किसी को weekend  मैं घुमाने ले जाती है … अब मेरे पास एक आखरी ब्रमास्त्र बचा था उसका प्रयोग करके मैं ने लड़की पटा ही ली …और फिर last year जब valentine day के दिन ..उस को गिफ्ट देने पंहुचा थो देखा पहेले से की उसको घर पर गिफ्टो का अम्बार लगा है .. बस समझदार के लिए इशारा ही काफी होता है … मैं ने वहा से पतली गली पकड़ ली जाते-जाते मेरे कानो ने  ये आखिरी शब्द सुने  “क्या किसी से हँस कर बात कर लेने से मैं उस की valentine  बन जाऊंगी जानू मैं तेरी हु और तेरी ही रहूंगी “..

बस उसके बाद  पुरे 1 महीने मुझे होश नहीं था .. आज फिर 14 Feb है … और मैं फिर किसी को गिफ्ट देने जा रहा हूँ मेरे लिए दुआ कीजिए गा .. बाकि  अगले पोस्ट मैं बताता हूँ  ….”

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3 Comments »

  1. दुआ कबूल हो.

    Comment by shashi — 02/14/2012 @ 10:02 am | Reply

  2. nice one sir…

    Comment by amit — 02/18/2012 @ 7:32 pm | Reply

  3. cooolll……

    Comment by Shashwat Shriparv — 02/20/2012 @ 10:45 am | Reply


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