Ratnakar Mishra

02/23/2012

क्या करे हम ऐसे ही है

हम अपने आप को किसी से कम कभी नहीं समझते ऑफिस मैं अपने बॉस से अपने आप को बेहतर मानते है .
“अरे एक भी काम ठीक से करना इनको नहीं आता …इस month का  तो allowance  ही नहीं दिया ..वगैरा-वगैरा”
“है लास्ट बाल मैं चार रन बनाने थे वो भी नहीं बना पाए इस से अच्छा तो शुक्ला जी का लड़का खेलता है .”
“ये हिंदी फिल्म वाले ना कैसी -कैसी मूवी बनाते है साउथ इंडियन की नक़ल करके ..वो तो जैसे ऐसे बोल रहे हो
की जिन्दगी मैं उन्होने नक़ल ही ना की हो ….
“कल रात मैं कहा थे तुम लोग .. दारू पि के शोर करोगे तो पिटाई थो
होगी ही ..मगर वो साला भूल गया ही ..रात मैं दारू पिने के बाद उसी के कारण हम लोग पिटे थे अरे क्या करे
हम ऐसे ही है ..किसी दूसरी की boyfriend /girlfriend देख कर सोचते है की काश मेरे वाला भी ऐसा ही होता.
.

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3 Comments »

  1. sahi hai bhidu….

    Comment by Shashwat Shriparv — 02/23/2012 @ 6:03 pm | Reply

  2. kya bat h sir….u must write more n more…..

    Comment by Haridwar jha — 04/26/2012 @ 12:49 pm | Reply


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