Ratnakar Mishra

10/29/2010

सच का सामना

कितनो ने किया है अब तक सच का सामना
सच जो की कड़वा  हो सुनने मैं बुरा हो
सच का सामना इतना आसान नहीं
क्यों की जो दिखता है वो सच नहीं
सच तो चुप है जो किसी से बोलता नहीं
सच की चुप्पी ऐसी है की जैसे कुछ हो ही नहीं
सच  अनंत आकाश मैं फैला हुआ  है
बस दिल से उसे देखो और अपना लो

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05/05/2010

आदमी ऐसा क्यों करता है

जब कुछ नहीं है तो भी  रोता है ..
जब कुछ मिल जाता है तब  भी रोता है
दुसरे को दुखी देख रोता है .
दुसरे को ख़ुश देख रोता है .
पैसे पाने और खोने पर रोता है
कुछ करने से पहेले रोता है
करने के बाद रोता है…
आदमी ऐसा क्यों करता है …

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